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| Corona virus |
कहते हैं हरेक बुरे दौर के बाद एक अच्छा दौर जरूर आता है।आज अगर काली अंधेरी रात है, तो सुबह जरूर होगी और सूरज की किरणें फिर से हमारे दिन को उजाले से भर ही देगी।जैसा कि हम जानते हैं मनुष्य एक अग्रसर प्राणी है ,समय से साथ साथ हम कुछ अच्छा कुछ नया करते आगे बढ़ते रहते हैं।
मैं जिस वर्ष में ये लिख रहा हूं ये 2020 है। हम अपने जीवन के उस सदी में जी रहे हैं जहां प्रद्योगिकी क्षेत्र में ये दशक इतना आगे बढ़ चुका है जितना शायद पहले कभी न था, या था भी तो ‘योग विद्या’ से मन की गति से भी तेज चलने की ताकत जो इस युग में नहीं है, इस युग से मेरा मतलब कलयुग से है । हमारे पास अनेकानेक उपकरण हैं जो हमारे जीवन को सरल एवम् खुशहाल बना रहे है , दिनोदिन हमारी तरक्की भी बढ़ती जा रही है । पौराणिक समय से लेकर अबतक हमने खूब तरक्की की है , मोबाइल फोन, लैपटॉप, इंटरनेट और यातायात संबंधी सारे उपकरण हमारे जीवन को आसान बना रहे हैं । ये सारी बातें तो आज हम सुन और देख ही रहे हैं , लेकिन मैं जिस विषय पर बात करने जा रहा हूं ये कुछ अलग है ।
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| Tired doctors. |
मैं आज के समय पर प्रकाश डालने वाला और बस इसी वर्ष के संदर्भ में बात करने वाला हूं । बीते कुछ महीनों में हमने बहुत ही ज्यादा बुरे दिन देखें हैं , हमने सबसे बड़ी चीज जो देखी है वो है corona यानी covid 19 जो वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक बीमारी के रूप में निकल कर आई है , जिसे हम वैश्विक महामारी भी कर रहे हैं । इस बीमारी ने पूरे विश्व को रोक कर रखा है और हमें पंगु बनाकर रखा है , हमारे चिकित्सा कर्मी लगातार वैक्सीन खोजने में लगे हैं लेकिन निराशा के अलावा हमारे हाथ कुछ भी नहीं लगा , इस बीमारी के आए लगभग 6–7 महीने हो चुके है बस इतने ही समय में इसने हम इंसानों को पानी पिला रखा है । इस बीमारी ने हमें ये सोचने पर मजबूर किया है कि हम इंसान जो अपने आप को ईश्वर से परे समझ रहे हैं वो प्रकृति के सामने कुछ भी नहीं ।
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| Worldwide lockdown. |
ये बात तो बिल्कुल सही है कि हम इंसानों को बहुत ज्यादा घमंड हो गया है। हमने जो उपकरण रूपी एक दुनिया बनाया है जिसपे हमें नाज़ है वोह हमारे लिए एक हद तक ही कारगर हो सकता है , पूरी तरह से उसपर आश्रित होना, ये घमंड की बात नहीं होनी चाहिए । हमने अपने प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ किया , जरूरत से ज्यादा हमने इससे चीजों को लिया जिससे हमारी प्रकृति ओसंतुलित हो गई और उसके नाराजगी का परिणाम हमारे सामने है । कोराना वायरस भी प्रकृति की ही एक उपज है । आज यह दिन हमें देखना पड़ रहा है इसका मतलब साफ है कि प्रकृति हमसे कुछ बदलाव चाहती है, प्रकृति चाहती है कि हम अपने तौर तरीके बदलें , हम जिस प्रकार से अपनी मां समान भूमि का अंधाधुंध उपयोग कर रहे है ये हमारे लिए ही बुराई का सबब बन सकती है ।अब हमें जरूरत है कि हम अपने आप को सुधारें, इस सुंदर प्रकृति को फिर से उसी तरह निखारे जैसे ये पहले हुआ करती थी , मेरा कहने का मतलब ये नहीं है कि अभी जो तत्कालीन प्रौद्योगिक दुनिया है इसको छोड़ कर हम आगे का रास्ता तय करें बल्कि मेरा कहना ये है कि इसका एक हद तक उपयोग कर और प्रकृति के ओर गहन ध्यान देकर आगे बढ़ें, अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो दिन दूर नहीं जब ऐसी और बीमारियां पनपेंगी और हमे खतरनाक प्राकृतिक आपदा को झेलनी पड़ेगी।
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| ये पौधा मैंने अपने घर के छत पर लगाया है,यदि आप बाहर जाकर पौधा लगाने में ओसमर्थ हैं तो अपने घर पर ही वृक्षारोपण करें। |
,मनुष्य आज मंगल पर आशियां क्यों ढूंढ़ रहा है क्योंकि कुछ बुद्धिजीवी को ये पता है कि निकट भविष्य में क्या होने वाला है । टेस्ला के ceo - elon musk वर्षों से इस कार्य में लगे हुए हैं , और 2050 तक तो उन्होंने मंगल ग्रह पर एक कॉलोनी वसाने की सोच रखी है।
जितना पैसा हम इस मिशन पर लगा रहे हैं क्या उतना ही पैसा हमें अपनी प्रकृति पर नहीं लगाना चाहिए , ताकि फिर से हम इस पृथ्वी को स्वर्ग बना सकें। इसीलिए मेरा मानना है कि हमें सबसे पहले हम जिस जगह रह रहे हैं जिस ग्रह पर रह रहे हैं उसे पूर्णतः सुरक्षित करना चाहिए ,क्योंकि मंगल ग्रह पर फिलहाल तो सभी लोग जा नहीं सकते अगर कोई जाना भी चाहे तो अमीरों का नाम पृष्ठ के सबसे सिरे पर होगा। अतः हम गरीबों को अपनी प्रकृति को ही बचा कर रखना चाहिए। हमें खुद से जनसंख्या नियंत्रण, प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण आदि चीजों पर संज्ञान लेना चाहिए ।
वृक्षा रोपण एवम् प्रकृति संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मैंने एक फेसबुक पेज भी बनाया है , इस पेज का एक मकसद है कि, आप सभी काम से कम अपने जन्मदिन पर एक पेड़ जरूर लगाएं , सोचें अगर विश्व के सभी लोग अपने जन्मदिन पर एक पेड़ लगाएं तो प्रकृति फिर से कितना खिल उठेगी , और आपको इसका सुखद अनुभव तुरंत पता चलने लगेगा। मेरे फेसबुक पेज का लिंक नीचे है आप से विनती है आप इससे जरूर जुड़े, और प्रकृति के संरक्षण में अपना एक कदम आगे बढ़ाएं। धन्यवाद
आपको मेरी लिखावट कैसी लगी कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ।
मेरे द्वारा लिखे गए हिंदी कविता पढ़ने के लिए इस लिंक पर जाएं — Vatsa7281.blogspot.com
मैंने कॉरोना काल में इंसान की लाचारी पर भी कविता लिखी है, आप जरूर पढ़ें ।
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| प्राकृतिक सौंदर्य! |




